चंडीगढ़, 12 अगस्त राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), पंजाब की 177वीं बैठक चंडीगढ़ में श्री अमित श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, पंजाब नेशनल बैंक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में श्री शौकत पैरी अहमद सचिव (वित्त), पंजाब सरकार, श्री विवेक श्रीवास्तव, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, चंडीगढ़, श्री बी रमेश बाबू , मुख्य महाप्रबंधक, NABARD, चन्द्रदीप कुमार झा वित्त मंत्रालय भारत सरकार, तथा श्री रामानुज प्रसाद , संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति पंजाब, उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त राज्य के सभी बैंकों के प्रमुख, राज्य सरकार के विभिन्न विभागाध्यक्ष एवं सभी जिलो के अग्रणी जिला प्रबंधक भी बैठक में शामिल हुए।
श्री रामानुज प्रसाद, संयोजक, SLBC पंजाब ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए जून 2026 को समाप्त जून तिमाही की बैंकिंग प्रगति तथा राज्य के विकास से संबंधित नीतिगत, वित्तीय एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नई लीड बैंक योजना 09 जून 2026 से जारी कर दी गयी है। पंजाब मे 18 निशुल्क ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र कार्यरत है।
श्री अमित श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, पंजाब नेशनल बैंक ने सदन को वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की जानकारी दी। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि पंजाब में बैंको एवं राज्य सरकार की मशीनरी ने एक टीम के रूप में समन्वय के साथ कार्य किया है। उन्होंने बताया कि वार्षिक ऋण योजना 2026-27 के अंतर्गत 30.06.2026 तक ₹ 1,24,225 करोड़ का प्राथमिक क्षेत्र ऋण वितरण किया जा चुका है, जो ₹64,083 करोड़ के तिमाही लक्ष्य के मुकाबले 194% उपलब्धि है, जो राज्य में प्रभावी समन्वय एवं सुदृढ़ वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य का ऋण-जमा अनुपात 64.88% है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य 60% से अधिक है।
रामकिशोर मीना , उप महाप्रबंधक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, पंजाब द्वारा बताया गया वर्ष 2026-27 हेतु नयी स्केल ऑफ फ़ाइनेंस अनुमोदित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 मे प्राथमिक क्षेत्र मे ₹ 2.56 लाख करोड़ के नए ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है.
श्री शौकत पैरी अहमद सचिव (वित्त) ने राज्य के समग्र विकास हेतु नीतिगत निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में एमएसएमई एवं कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं तथा राष्ट्रीय एवं राज्य नीतियों के समुचित क्रियान्वयन से इन क्षेत्रों में तीव्र विकास संभव है। उन्होंने यह भी कहा ऋण जमा अनुपात मे बडोतरी हेतु सभी बैंकों को प्रयास करना चाहिए। उन्होने सभी बंकों से अनुरोध किया कि सरकारी योजनाओ मे लंबित आवेदनो को शीघ्र निपटाए।
श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, चंडीगढ़ ने नियामक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए वित्तीय स्थिरता, नियामकीय अनुपालन एवं सुदृढ़ बैंकिंग प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बैंकों को राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर वित्तीय समावेशन एवं विकासात्मक पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों एवं म्यूल खातों की रोकथाम हेतु कड़ी निगरानी एवं सशक्त साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने तथा केवाईसी एवं रीकेवाईसी पर विशेष जोर दिया। किसी भी खाते मे केवाईसी की वजह से सरकारी सुविधाओ का लेनदेन नहीं रुकना चाहिए।
श्री पंकज सेतिया महाप्रबंधक भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्तीय समावेशन रण नीति 2025-30 पर विशेष ज़ोर दिया गया॰ चन्द्रदीप कुमार झा वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सभी योजनयो को प्रभावी रूप से लागू करने पर ज़ोर दिया गया
श्री बी रमेश बाबू , मुख्य महाप्रबंधक, NABARD, चंडीगढ़ द्वारा सभी बंकों एवं अग्रणी जिला प्रबंधको से कृषि ऋणों मे और बदोतरी पर बल दिया गया। उन्होने आश्वासन दिया की नाबार्ड की तरफ से सभी योजनायों के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।
अंत में, श्री राजेन्द्र कुमार मुख्य महा प्रबन्धक पंजाब एंड सिंध बैंक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
