केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र, जालंधर ने किसानों के लिए दो दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रम का आयोजन किया

जालंधर 29 अक्तूबर -:- केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र (CIPMC), जालंधर द्वारा श्री मुक्तसर साहिब जिले के ब्लॉक श्री मुक्तसर साहिब के गांव गोनियाना में किसानों के लिए दो दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा किसानों को फसलों के कीटों और बीमारियों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया तथा खेतों का दौरा भी करवाया गया।

केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र, जालंधर के अधिकारियों ने किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) की अवधारणा और इसकी आवश्यकता के बारे में जागरूक किया। CIPMC जालंधर के सहायक निदेशक डॉ. पी. सी. भारद्वाज ने पर्यावरण प्रदूषण और कीटनाशकों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए सभी IPM तरीकों को सही ढंग से अपनाकर फसलों के कीट-पतंगों का प्रबंधन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को विभिन्न IPM तरीकों जैसे कि सांस्कृतिक, भौतिक, यांत्रिक, जैविक और रासायनिक आदि के बारे में जागरूक किया। इसके अलावा, विभिन्न लाभदायक ट्रैपों जैसे कि फेरोमोन, पीले और नीले चिपचिपे ट्रैप, फ्रूट फ्लाई ट्रैप और विभिन्न मित्र कीटों जैसे कि ट्राइकोग्रामा, मकड़ियों, ड्रैगनफ्लाई, डैम्सलफ्लाई, वॉटर स्ट्राइडर्स आदि तथा कीट प्रबंधन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया।

टीम ने किसानों को लाभदायक फफूंद जैसे कि ट्राइकोडर्मा, ब्यूवेरिया बासियाना, मेटारिजियम आदि और कीट प्रबंधन में उनके महत्व के बारे में जागरूक किया। किसानों को फसल के शुरुआती चरण के दौरान फफूंद और बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए बीजों को ट्राइकोडर्मा और स्यूडोमोनास से उपचारित (शोधित) करने के लिए कहा गया। श्री चंद्र भान ने किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी ‘एन.पी.एस.एस.’ (NPSS) मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी और इसकी उपयोगिता बताने के साथ-साथ किसानों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी प्रदान किए।

सहायक पौधा सुरक्षा अधिकारी श्री संजय डी.जे. ने किसानों को कीटनाशकों के अवशेषों और कीटनाशकों के सुरक्षित, आवश्यकतानुसार तथा संयम से उपयोग करने के बारे में जागरूक किया। वैज्ञानिक सहायक श्री राजबर सिंह ने किसानों को कीटनाशकों के उपयोग के दौरान विभिन्न सुरक्षा उपकरणों जैसे कि दस्ताने, चश्मे, मास्क, एप्रन आदि का उपयोग करने की सलाह दी तथा कीटनाशकों के उपयोग के समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में जानकारी दी।

CIPMC टीम के साथ कृषि विभाग, ब्लॉक एवं जिला श्री मुक्तसर साहिब के अधिकारियों और KVK के वैज्ञानिकों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने किसानों को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और राज्य के कृषि विभाग की चल रही योजनाओं के बारे में जागरूक किया। उन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए और किसानों से समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षणों में भाग लेने और ज्ञान प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने किसानों को मिट्टी और पानी की जांच तथा इसकी विधि के बारे में भी जागरूक किया।

किसानों ने केंद्रीय IPM केंद्र, जालंधर का धन्यवाद किया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की जो कृषि के लिए बहुत उपयोगी हैं।