खेतरी रोपण एवं प्रथम शैलपुत्री माता जी के निमित्त हवन यज्ञ संपन्न
दशहरा पर्व तक चलते रहेंगे रोजाना हवन यज्ञ
जालंधर -:- सिद्ध माँ बगलामुखी धाम में मानव दुर्गा जी के निमित्त आयोजित दिव्य हवन-यज्ञ के पावन अवसर पर धाम के संस्थापक एवं व्यवस्थापक नवजीत भारद्वाज ने माँ भक्तों को पावन नवरात्रों की शुभकामनाएं देते हुए अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण का महापर्व है—एक ऐसा समय, जब व्यक्ति बाहरी दुनिया की भागदौड़ से हटकर अपने भीतर की शक्ति, आत्मबल और चेतना को पहचानता है।
उन्होंने अपने प्रेरणादायक संदेश में बताया कि माँ दुर्गा के नौ स्वरूप हमें जीवन जीने की सही दिशा दिखाते हैं। यह नौ देवियां केवल पूजनीय नहीं, बल्कि जीवन के नौ दिव्य सिद्धांत हैं, जिन्हें अपनाकर हम अपने जीवन को सफल, संतुलित और आनंदमय बना सकते हैं।
नवजीत भारद्वाज जी ने अत्यंत भावपूर्ण शैली में समझाया कि जीवन के संघर्षों में *मां शैलपुत्री* हमें अडिग रहने की प्रेरणा देती हैं। जब लक्ष्य कठिन लगे, तब *मां ब्रह्मचारिणी* तप, त्याग और धैर्य का मार्ग दिखाती हैं। भय और असमंजस की स्थिति में *मां चंद्रघंटा* साहस और शक्ति प्रदान करती हैं। जीवन में जब ऊर्जा और प्रकाश की कमी महसूस हो, तब *मां कूष्मांडा* का स्मरण हमें नई ऊर्जा से भर देता है।
परिवार और रिश्तों में प्रेम, स्नेह और समर्पण बनाए रखने के लिए *मां स्कंदमाता* का आशीर्वाद अत्यंत आवश्यक है। अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने का साहस *मां कात्यायनी* से प्राप्त होता है। जब जीवन में अंधकार और कठिनाइयाँ छा जाएं, तब *मां कालरात्रि* यह विश्वास दिलाती हैं कि हर अंधेरी रात के बाद उजाला अवश्य आता है। *मां महागौरी* हमें शुद्धता, सरलता और आंतरिक सुंदरता का महत्व समझाती हैं, जबकि *मां सिद्धिदात्री* सच्ची भक्ति और समर्पण के फलस्वरूप सफलता और सिद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
अपने प्रवचनों के अंत में नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि नवरात्रि का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ और अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और नकारात्मकता को त्यागने का अवसर है। इस पावन अवसर पर हमें केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि अपने हृदय में भी माँ दुर्गा का वास कराना चाहिए। अपने विचारों को पवित्र, कर्मों को श्रेष्ठ और जीवन को प्रेरणादायक बनाकर ही हम इस पर्व का सच्चा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
आज सर्वप्रथम खेतरी रोपण उपरांत घटस्थापन करके नवग्रह पूजन उपरांत पांचोपउपचार पूजन करके विधि विधान से पहले नवरात्रि के अवसर पर माता शैलपुत्री जी के निमित्त हवन यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज,तेजस भारद्वाज, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर,समीर कपूर,ऋषभ कालिया, अमरेंद्र कुमार शर्मा, रोहित गौतम,मनी राम, रितु शर्मा, संजीव,अमन,राजेश कुमार, गुरप्रीत सिंह,गुरवीर कौर,नितिश, अमित अग्रवाल, संजीव शर्मा,सुखीजा, प्रिंस सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।