जिस दर्द में प्रभु की याद जाग जाए, वह दर्द भी नेमत बन जाता-नवजीत भारद्वाज


जिसने सच्ची भक्ति का अनुभव किया हो। उन्होंने कहा कि प्रभु का प्रेम जितना गहरा होता है, उतनी ही गहरी उसकी प्यास होती है। संसार की सुख-सुविधाएं उस प्यास को शांत नहीं कर सकतीं।